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बनियान में डिवाइस के जरिए नकल
जासं, जागरण संवाददाता : तमाम सख्ती के बावजूद रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की परीक्षा में नकल पर लगाम नहीं लग पा रही है। शनिवार को फिर दो अभ्यर्थी इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल करते पकड़े गए। यह नकलची इलाहाबाद और मुरादाबाद में पकड़े गए हैं। दोनों को एसटीएफ के हवाले कर दिया गया है। इन अभ्यर्थियों को नकल कराने वाले गिरोह की तलाश की जा रही है।1शनिवार को डीआरएम आफिस के सामने स्थित स्प्लैस कंप्यूटर सेंटर पर सेकंड शिफ्ट में बिहार के जिला रोहतास गांव दिनारा निवासी सुनील गुप्ता पुत्र जय कृष्ण परीक्षा दे रहा था। परीक्षार्थियों पर सीसीटीवी से निगरानी की जा रही थी। उक्त अभ्यर्थी की गतिविधि संदिग्ध लगी। इस पर विजिलेंस के इंस्पेक्टर ने जांच की तो वह इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल करते पकड़ा गया। उसने जो बनियान पहन रखी थी उसमें इलेक्ट्रानिक डिवाइस की वायरिंग थी। बनियान में गर्दन के पास सिलाई के बीच स्पीकर लगे हुए थे। इसका एक तार उसके अंडर वियर में रखे छोटे डिवाइस से जुड़ा था। उस डिवाइस में सिम लगा था लेकिन वह मोबाइल नहीं था। ऐसा खेल करने पर परीक्षक ने उसे एक थप्पड़ जड़ा तो उसके कान से एक डिवाइस निकली। वह वायरलेस स्पीकर था। पूछताछ में उसने बताया कि बिहार के कैमूर जिले नुआ गांव निवासी राजू पुत्र शिवमूरत शर्मा ने उसे पांच लाख रुपये में भर्ती कराने का ठेका लिया था। आज सुबह वह इलाहाबाद पहुंचा तो राजू उसे स्टेशन पर मिला। फिर उसे सिटी साइड के एक होटल में ले गया और वहीं उसे इलेक्ट्रानिक डिवाइस वाली बनियान और अंडर वियर पहनाई। इसके बाद अभ्यर्थी को एसटीएफ के हवाले कर दिया गया है। मुरादाबाद में भी एक सेंटर पर एक अभ्यर्थी ऐसे ही पकड़ा गया है। उसे भी एसटीएफ को सौंप दिया गया है। आरआरबी के सचिव एसके बंसल का कहना है कि नकल रोकने का प्रयास किया जा रहा है।1दो दिन पहले भी एक पकड़ा था1स्प्लैस कंप्यूटर सेंटर पर दो दिन पहले भी ऐसा ही एक अभ्यर्थी पकड़ा गया था। उसे सेंटर इंचार्ज ने एसटीएफ को सौंप दिया है। ऐसे अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से यह तो स्पष्ट हो गया है इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर भर्ती रैकेट काम कर रहा है।
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